देश में बीते दस दिनों में कोरोना मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी गई है।33 दिनों बाद फिर से संक्रमितों की संख्या ने दस हजार के पार हो गई। 2 दिसंबर को कोरोना के नए साउथ अफ्रीकी वैरिएंट ओमीक्रॉन की दो व्यक्तियों में पुष्टि की गई। अबतक कुल 961 व्यक्तियों में इस नए वैरिएंट से संक्रमित पाए गए है। इसी के साथ कोरोना संक्रमितों की संख्या में भी उछाल आई है। एक बार फिर से फिल्म, खेल और राजनीति जगत के मशहूर कोरोना की चपेट में आने लगे हैं।
तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकार की तैयारियां -
- प्रतिदिन आक्सीजन प्रोडक्शन क्षमता को बढ़ाकर 15000 टन कर दिया गया है। दूसरी लहर के दौरान लगभग 9000 टन आक्सीजन का उत्पादन होता था।
-देशभर में कुल 3,631प्रेशर स्विंग प्लांट को भी को भी लगाने का आदेश दिया गया है। जिसमें 1100 से अधिक प्लांट इंस्टाल भी किए जा चुके हैं।
-प्लांट संचालित करने के लिए 7000 टेक्निकल स्टाफ को प्रशिक्षित भी किया गया है।
- दो लाख आईसीयू बेड भी तैयार है। जिसमें 50 % पर वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है।
क्यों जरूरत है सतर्क रहने की?
कोविड-19 पर एक नजर:
पहली लहर:
- 30 जनवरी 2020 को चीन से केरल आई 20 वर्षीय छात्रा में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई।
-2 मार्च 2020 को यह महामारी केरल, दिल्ली और हैदराबाद समेत अन्य राज्यों में फैलने की खबर सामने आने लगीं।
-12 मार्च 2020 को कर्नाटक में 76 वर्षीय व्यक्ति की पहली मौत कोरोना से हुई।
-22 मार्च 2020 को बढ़ते संक्रमण को देख संपूर्ण भारत में लाॅक-डाउन लगाया गया।
-15 सितंबर 2020 को सबसे अधिक 1290 मौते दर्ज की गई।
-16 सितंबर को सबसे अधिक कुल 97,894 केस दर्ज किए गए।
-17 सितंबर 2020 को देश में कुल 10.17 लाख केसों के साथ कोरोना उच्चतम बिन्दु पर पहुंचा।
दूसरी लहर :
-देश में 16 जनवरी 2021 से कोरोना टीकाकरण की शुरुआत हुई।
-14 फरवरी 2021 को 11,430 केसों के साथ दूसरी लहर की शुरुआत हुई।
-30 अप्रैल 2021 को सबसे अधिक 4.14 लाख केस दर्ज किए गए
-23 मई 2021 को 26 लाभ केसों के साथ कोरोना अपने पीक बिन्दु पर पहुंचा।
20 मई 2021 को सबसे अधिक कुल 4,823 मौतें दर्ज हुई।
कोरोना की दोनों लहरों का डेटा पेश करने का उद्देश्य भयभीत करने का नहीं अपितु एक बार फिर कोरोना के प्रति सावधान करने का है।क्योंकि जैसे पहली लहर में छह महीनों के भीतर 1 केस से 10 लाख केसों की बढ़ोतरी हो गई थी वैसे ही दृश्य एक बार फिर से हो सकते हैं।इसलिए कुछ बातों का ध्यान रख हम महामारी को भयावह स्थिति से देश को बचा सकते है।
1.कोरोना के टीके पूर्ण सुरक्षित है, इसका कोई भी दुष्प्रभाव नहीं है। अफवाहों से दूर होकर जल्द से जल्द कोरोना के टीके लगवाए।
2.अबतक वैक्सीन नए वैरिएंट पर कितनी कारगर है इसके आकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए बाहर जाए तो मास्क का सेवन अवश्य करें।
3.अधिक भीड़ - भाड़ वाले स्थानों पर इकट्ठा होने से बचें।
4.नियमित अन्तराल के बाद हाथ धोएं।
5.संक्रमित हो जाने पर घबराएं नहीं बल्कि डाक्टरों की सलाह लें।
ओमीक्रॉन के लक्षण :
दक्षिण अफ्रीका में सबसे पहले ओमीक्रॉन वैरिएंट की पहचान करने वाले डाॅ एंजेलिक कोएट्जी के अनुसार -
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